समझदार लोग
रहते हैं किताबो के बीच
बुद्धिजीवी कहलाते हैं
किताबों की
व्यूह रचना के बीच
वह न डरता है
न जीवन जीता है |
बुद्धिजीवी
जमीन के नीचे
अपनी ही बनाई
अति सुरक्षित खोह में रहता है |
रहते हैं किताबो के बीच
बुद्धिजीवी कहलाते हैं
किताबों की
व्यूह रचना के बीच
वह न डरता है
न जीवन जीता है |
बुद्धिजीवी
जमीन के नीचे
अपनी ही बनाई
अति सुरक्षित खोह में रहता है |
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