हिंदी दिवस पर विशेष
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बच्चों ने अभी
हिंदी बोलना नहीं है छोड़ा
क्योकि रास्ते में
है अभी माँ-बाप का रोड़ा
कुछ दिनों बाद
हिंदी समझने वाले
माँ-बाप नहीं मिलेंगे
तब बच्चों की
मुश्किल कम होगी थोड़ा थोड़ा
मध्यवर्गीय परिवारों में
हिंदी नहीं दिखेगी
हिंदी की तालाश में
तब छोड़ना होगा अश्वमेध घोड़ा |
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बच्चों ने अभी
हिंदी बोलना नहीं है छोड़ा
क्योकि रास्ते में
है अभी माँ-बाप का रोड़ा
कुछ दिनों बाद
हिंदी समझने वाले
माँ-बाप नहीं मिलेंगे
तब बच्चों की
मुश्किल कम होगी थोड़ा थोड़ा
मध्यवर्गीय परिवारों में
हिंदी नहीं दिखेगी
हिंदी की तालाश में
तब छोड़ना होगा अश्वमेध घोड़ा |
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