Sunday, 29 September 2013

"अपनी कमजोरियों का विज्ञापन करके हम कुछ ज्यादा सुख-सुविधा और पद-प्रतिष्ठा पा सकते हैं" जब यह ज्ञान किसी भी विकलांग व्यक्ति/ समूह को हो जाता है तब वह व्यक्ति/ समूह मानसिक विकलांगता से ग्रसित हो जाता हैं | ऐसे व्यक्ति/समूह का उत्थान तमाम सुख-सुविधा और पद-प्रतिष्ठा देकर भी संभव नहीं|


वे बैसाखियों की मांग करते हैं
उन्हें बैसाखियाँ
उपलब्ध करा दी जाती हैं |
कोई है
जो नहीं चाहता कि
वे अपने पैरों पर चलना सीखें |
पैरों का इस्तेमाल करना
वे सीखेंगे तब
जब बैसाखी का मोह छोड़ेंगे
कोई है
जो नहीं चाहता कि
वे खुली आँखों से सपनें देखें |             

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