ईश्वर डर कर छिपते नहीं
छिपकर देखते हैं
स्त्री को
हलाल होते हुए
ईश्वर भी तो मर्द है
एक हलाल करके खुश होता है
दूसरे को अच्छा लगता है
स्त्री को
हलाल होते हुए देखना |
छिपकर देखते हैं
स्त्री को
हलाल होते हुए
ईश्वर भी तो मर्द है
एक हलाल करके खुश होता है
दूसरे को अच्छा लगता है
स्त्री को
हलाल होते हुए देखना |
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