Tuesday, 6 October 2015

1)
वह मेरे एक अज़ीज़ मित्र की माँ थी लेकिन मेरे लिए मुझे पैदा करने वाली माँ से भी बढ़कर कल दिनांक ०५/१०/२०१५ को उनका देहांत हो गया |
तुमने मुझे
पैदा नहीं किया
गीली मिटटी को 
आकार तुमने ही दिया
अम्मा, मेरी स्मृतियों में
तुम हमेशा जीवित रहोगी |
तुम्हारा मानस पुत्र अवधेश

2)
अम्मा, 
मैं कृष्ण तो नहीं हूँ 
लेकिन तुम यशोदा थीं
तुम्हारी मौत में शामिल है 
मेरा कुछ-कुछ मरना भी |

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