वह मेरे एक अज़ीज़ मित्र की माँ थी लेकिन मेरे लिए मुझे पैदा करने वाली माँ से भी बढ़कर कल दिनांक ०५/१०/२०१५ को उनका देहांत हो गया |
तुमने मुझे
पैदा नहीं किया
गीली मिटटी को
आकार तुमने ही दिया
अम्मा, मेरी स्मृतियों में
तुम हमेशा जीवित रहोगी |
पैदा नहीं किया
गीली मिटटी को
आकार तुमने ही दिया
अम्मा, मेरी स्मृतियों में
तुम हमेशा जीवित रहोगी |
तुम्हारा मानस पुत्र अवधेश
अम्मा,
मैं कृष्ण तो नहीं हूँ
लेकिन तुम यशोदा थीं
तुम्हारी मौत में शामिल है
मेरा कुछ-कुछ मरना भी |
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