बहुत दिनों से रात में सोया नहीं हूँ मैं
कमबख्त किसी ने प्याला चुरा लिया
वह जब मरेगा भूख से ही मरेगा
कमबख्त किसी ने निवाला चुरा लिया
खुश थे चाँद और सूरज की रोशनी में हम
कम्बख्तों ने चाँद और सूरज चुरा लिया
अलीबाबा पर भारी पड़ गये चालीस चोर
कम्बख्तों ने खुल जा सिमसिम का मंतर चुरा लिया
कमबख्त किसी ने प्याला चुरा लिया
वह जब मरेगा भूख से ही मरेगा
कमबख्त किसी ने निवाला चुरा लिया
खुश थे चाँद और सूरज की रोशनी में हम
कम्बख्तों ने चाँद और सूरज चुरा लिया
अलीबाबा पर भारी पड़ गये चालीस चोर
कम्बख्तों ने खुल जा सिमसिम का मंतर चुरा लिया
No comments:
Post a Comment