मजहब किताबों में क़ैद हैं
यह किला दुर्भेध है
कोई गीता कोई कहता कुरान है
सबकी अपनी अपनी दुकान है
मालिक बन बैठा इन दुकानों का
वह आदमी नहीं हैवान है
वेद की ऋचाएं और कुरान की आयतें
इनका मुख्य हथियार है
चलो चलें उस पार कहीं
यहाँ सुरक्षित नहीं इंसान है |
यह किला दुर्भेध है
कोई गीता कोई कहता कुरान है
सबकी अपनी अपनी दुकान है
मालिक बन बैठा इन दुकानों का
वह आदमी नहीं हैवान है
वेद की ऋचाएं और कुरान की आयतें
इनका मुख्य हथियार है
चलो चलें उस पार कहीं
यहाँ सुरक्षित नहीं इंसान है |
No comments:
Post a Comment