Tuesday, 20 October 2015

मजहब किताबों में क़ैद हैं
यह किला दुर्भेध है
कोई गीता कोई कहता कुरान है
सबकी अपनी अपनी दुकान है
मालिक बन बैठा इन दुकानों का
वह आदमी नहीं हैवान है
वेद की ऋचाएं और कुरान की आयतें
इनका मुख्य हथियार है
चलो चलें उस पार कहीं
यहाँ सुरक्षित नहीं इंसान है  |

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