पहले भूकम्प कहाँ आते थे , मोदी के आने के बाद भूकम्प का आना शुरू हुआ | पेड़ों से फूल कहाँ तोड़े जाते थे , इस देश में बलात्कार तो केवल देवत्व प्राप्त पुरुष ही किया करते थे ,मोदी के आने के बाद इस बीमारी के लक्षण आम आदमी में दिखना शुरू हुए | पुरस्कार वापसी का सेहरा बांधे हुए सभी कवि,लेखक और तथाकथित प्रगतिशील ,जनवादी शायद सही कहते है कि मोदी के आने के पहले तो सब कुछ भ्रष्ट्राचार के तले ठीक-ठाक चल रहा था, चारो ओर शांति ही शांति थी, मोदी ने आकर शांति को भंग कर दिया |
अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर त्रिशंकु हो गये |
न इधर के रहे ,न उधर के रहे ,बेचारे न बजने वाला शंख हो गये |
सरकार ने पुरस्कार दिया ,सरकार को जनता ने चुना ,सच पूछिये तो इन्होने जनता के मुहं पर थूका है |
अभिव्यक्ति की आज़ादी के नाम पर त्रिशंकु हो गये |
न इधर के रहे ,न उधर के रहे ,बेचारे न बजने वाला शंख हो गये |
सरकार ने पुरस्कार दिया ,सरकार को जनता ने चुना ,सच पूछिये तो इन्होने जनता के मुहं पर थूका है |
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