Wednesday, 20 August 2014

एक व्यक्ति
नया-नया राजनीति में आया
राजनीति के धुरंधर कहे जाते थे जो
उनके चरणों में बैठ गया
पैर पकड़कर गिड़गिड़ाने लगा
गुरदेव मुझे भी राजनीति सिखाओ
धुरन्धर जी मुस्कराये और बोले=
भारत में राजनीति करना है
तो एक ही मन्त्र है
मौक़ा देखकर कभी हिन्दू-हिन्दू
और कभी मुसलमान-मुसलमान चिल्लाओ
कभी आरक्षण का करो विरोध
और कभी आरक्षण के पक्ष में
धरने पर बैठ जाओ |

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