जोड़ता नहीं
विभाजित करता है धर्म
पेड़ से फूल को तोड़ता है |
मनुष्य होने की कोशिश में
हम धर्म से लिपट जाते हैं और
मनुष्यता से बहुत दूर चले जाते है
हिन्दू या मुसलमान बनकर मर जाते हैं |
ये बेहूदे भी
खुदा के बन्दे हैं
लेकिन अंधे हैं |
विभाजित करता है धर्म
पेड़ से फूल को तोड़ता है |
मनुष्य होने की कोशिश में
हम धर्म से लिपट जाते हैं और
मनुष्यता से बहुत दूर चले जाते है
हिन्दू या मुसलमान बनकर मर जाते हैं |
ये बेहूदे भी
खुदा के बन्दे हैं
लेकिन अंधे हैं |
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