अक्सर हम
ज़ुल्म करनेवालों के पक्ष में खड़े होते
और उनके पक्ष में बेहूदे तर्क देते हैं
उनके पक्ष को
और वजन देने के लिए
तमाम धार्मिक किताबों को ढोते हैं
अक्सर हम
ज़ुल्म उनपर ढाते हैं
जो बेहद कमजोर होते हैं |
2)
अक्सर हम
ज़ुल्म करनेवालों के पक्ष में खड़े होते
और उनके पक्ष में बेहूदे तर्क देते हैं
उनके पक्ष में दिए तर्कों को
और वजन देने के लिए
तमाम धार्मिक किताबों को ढोते हैं
अक्सर हम
ज़ुल्म उनपर ढाते हैं
जो बेहद कमजोर होते हैं
ज़ुल्म करनेवालों के पक्ष में खड़े होते
और उनके पक्ष में बेहूदे तर्क देते हैं
उनके पक्ष को
और वजन देने के लिए
तमाम धार्मिक किताबों को ढोते हैं
अक्सर हम
ज़ुल्म उनपर ढाते हैं
जो बेहद कमजोर होते हैं |
2)
अक्सर हम
ज़ुल्म करनेवालों के पक्ष में खड़े होते
और उनके पक्ष में बेहूदे तर्क देते हैं
उनके पक्ष में दिए तर्कों को
और वजन देने के लिए
तमाम धार्मिक किताबों को ढोते हैं
अक्सर हम
ज़ुल्म उनपर ढाते हैं
जो बेहद कमजोर होते हैं
No comments:
Post a Comment