जब वे
प्रेमी-प्रेमिका थे
अच्छे दोस्त थे
तन ही नहीं, मन भी छूते थे
पति-पत्नी बनते ही
केवल तन छूते रहे
मन से हो गए दूर
दोस्त कहीं गुम हो गया
और एक दूसरे से
झूठ बोलने का सिलसिला शुरू हुआ |
प्रेमी-प्रेमिका थे
अच्छे दोस्त थे
तन ही नहीं, मन भी छूते थे
पति-पत्नी बनते ही
केवल तन छूते रहे
मन से हो गए दूर
दोस्त कहीं गुम हो गया
और एक दूसरे से
झूठ बोलने का सिलसिला शुरू हुआ |
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