Thursday, 21 August 2014

वो मुसलमान परस्त थे
ये हिन्दू परस्त होने का पीटते हैं ढिंढोरा
ये और वो दोनों एक ही थैली के चट्टे-बट्टे हैं
वो मुसलमान से शुरू करते थे
और थोड़ी देर बाद हिन्दू पर आते थे
ये हिन्दू से शुरू करते हैं और मुसलमान तक आते हैं
हिन्दू और मुसलमान बार-बार दोहराते हैं
स्त्री की शुचिता इन्हें भी बहुत प्यारी है
ये एक न एक दिन
महिलाओं को पहना देंगे बुर्का
न हिन्दू को न मुसलमान को  
ये चाहते हैं केवल पुरुष को खुश करना  |      

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