खुद बेईमान
बुरके से बचाते हैं
अपना ईमान
लार टपकती है
सुनकर अज़ान
वाह रे मुसलमान |
2)
हरि भजन गाते है
मंदिर की घंटियाँ सुनकर
लार टपकाते हैं
धर्म धर्म चिल्लाते हैं
वाह भाई मेरे हिन्दू |
बुरके से बचाते हैं
अपना ईमान
लार टपकती है
सुनकर अज़ान
वाह रे मुसलमान |
2)
हरि भजन गाते है
मंदिर की घंटियाँ सुनकर
लार टपकाते हैं
धर्म धर्म चिल्लाते हैं
वाह भाई मेरे हिन्दू |
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