जिनका मन नहीं चंगा
उनकी कठौती में
नहीं समाती है गंगा
मंदिर,मस्जिद, गुरद्वारा
भीख मांगने जाते हो
अपना जिस्म लेकर नंगा |
मंदिर,मस्जिद, गुरद्वारे
के बाहर
मैले कुचैले कपड़ों में बैठे
व्यक्ति को
कहते हो तुम भिखमंगा |
उनकी कठौती में
नहीं समाती है गंगा
मंदिर,मस्जिद, गुरद्वारा
भीख मांगने जाते हो
अपना जिस्म लेकर नंगा |
मंदिर,मस्जिद, गुरद्वारे
के बाहर
मैले कुचैले कपड़ों में बैठे
व्यक्ति को
कहते हो तुम भिखमंगा |
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