1)
उफनती हुई लहरों को देखो
ऐसा लगता है
समुन्दर कभी बूढ़ा नहीं होता |
2)
भूख उसके चेहरे पर पसरी हुई थी
बच्चा रोटी के लिए रो रहा था
उसका पिता उसे समझा रहा था
मत रो बेटा रोटी बुलेट ट्रेन से आ रही है
हालांकि बुलेट ट्रेन की स्पीड बहुत अधिक है
फिर भी कुछ देर तो लगेगी
क्योकि रोटी और तुम्हारे बीच की दूरी बहुत ज्यादा है |
3)
अपने विश्वासों पर
तुम विश्वास करते रहना
जिंदगी भर कूप मंडूक बनकर रहना |
क्यों नहीं खोलते खिड़कियाँ
कुछ तो मजा लो
ताज़ी हवा में सांस लेने का |
4)
जिसके घुंघराले बालों की
तारीफ़ करते हुए हम नहीं अघाते थे
वह विग लगाकर चलता था
वास्तव में वह गंजा था |
कड़ी धूप में हमें छाया देगा
जिसे हम छतरी समझते थे
वास्तव में
वह गिद्ध का निर्मम पंजा था |
उफनती हुई लहरों को देखो
ऐसा लगता है
समुन्दर कभी बूढ़ा नहीं होता |
2)
भूख उसके चेहरे पर पसरी हुई थी
बच्चा रोटी के लिए रो रहा था
उसका पिता उसे समझा रहा था
मत रो बेटा रोटी बुलेट ट्रेन से आ रही है
हालांकि बुलेट ट्रेन की स्पीड बहुत अधिक है
फिर भी कुछ देर तो लगेगी
क्योकि रोटी और तुम्हारे बीच की दूरी बहुत ज्यादा है |
3)
अपने विश्वासों पर
तुम विश्वास करते रहना
जिंदगी भर कूप मंडूक बनकर रहना |
क्यों नहीं खोलते खिड़कियाँ
कुछ तो मजा लो
ताज़ी हवा में सांस लेने का |
4)
जिसके घुंघराले बालों की
तारीफ़ करते हुए हम नहीं अघाते थे
वह विग लगाकर चलता था
वास्तव में वह गंजा था |
कड़ी धूप में हमें छाया देगा
जिसे हम छतरी समझते थे
वास्तव में
वह गिद्ध का निर्मम पंजा था |
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