Sunday, 13 July 2014

सन्दर्भ-  इस्रायल और फिलिस्तीन
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दोनों अड़े हैं
इसीलिए बरसों पहले
जहाँ थे वहीँ खड़े हैं  |
मेमने की नज़र से ही
दुनियाँ को देखते रहना
और शेर को कातिल समझना,
क्या यह न्याय है ?  

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