विद्वान् नहीं हूँ ,विद्वानों की संगत में रहने की जुगत करता रहता हूँ | अनपढ़ हूँ , पढ़े लिखे लोगों से उठने ,बैठने और चापलूसी करने की शिक्षा प्राप्त कर रहा हूँ | एकमात्र ख्वाईश, बुद्धिजीविओं की सूची में अपना भी नाम आए तो जीवन सफल हो जाए |
Mohan Kumar Nagar
एक अच्छी कविता दस नये पाठक पैदा करती है और बुरी कविता दस नये लेखक !
यदि आप चाहते हैं कि नये रचनाकार ना जन्में तो लगातार अच्छा लिखिये वर्ना आपके हर बुरे लिखे के खिलाफ एक नया रचनाकार पैदा होगा क्योंकि हर नया लेखक अच्छा ना पढ़ने पर असंतुष्टि की ही उपज है ।
(हिंदी साहित्य सम्मेलन में दिये गये व्याख्यान का एक अंश )
Avdhesh Nigam
रचनाकारों की पैदाइश पर अंकुश लगाने का बहुत ही नायाब तरीका बखान किया है आपने और मेरी समझ में यह नहीं आ रहा है कि वाह कहूँ या आह | अगर सब अच्छा ही लिखने लगे तो एक वक्त ऐसा आयेगा कि केवल पाठक ही पाठक बचेंगे रचनाकार होंगे ही नहीं |
Mohan Kumar Nagar
एक अच्छी कविता दस नये पाठक पैदा करती है और बुरी कविता दस नये लेखक !
यदि आप चाहते हैं कि नये रचनाकार ना जन्में तो लगातार अच्छा लिखिये वर्ना आपके हर बुरे लिखे के खिलाफ एक नया रचनाकार पैदा होगा क्योंकि हर नया लेखक अच्छा ना पढ़ने पर असंतुष्टि की ही उपज है ।
(हिंदी साहित्य सम्मेलन में दिये गये व्याख्यान का एक अंश )
Avdhesh Nigam
रचनाकारों की पैदाइश पर अंकुश लगाने का बहुत ही नायाब तरीका बखान किया है आपने और मेरी समझ में यह नहीं आ रहा है कि वाह कहूँ या आह | अगर सब अच्छा ही लिखने लगे तो एक वक्त ऐसा आयेगा कि केवल पाठक ही पाठक बचेंगे रचनाकार होंगे ही नहीं |
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