Thursday, 23 January 2014

मुझे तो लगता है कुछ दिनों में "आप" का चेहरा भी भाजपा तथा कॉंग्रेस जैसा ही लगनें लगेगा | सत्ता के लिए बेतुके वायदे करना और फिर सत्ता पाने के बाद उसे भूल जाना | अभी हरयाणा में खाप पंचायतों का जिस तरह "आप" ने समर्थन किया क्या वह "आप" के चरित्र पर संदेह नहीं पैदा करता है ?

अगर कांग्रेस और भाजापा को आप बिल्लियाँ जो आपस में लड़ रहीं मानते हैं तो यह लोगों की ग़लतफ़हमी है,यह दोनों दो सगी बहनें हैं जो लड़ने का नाटक करती रहती हैं | जैसे ही इन्हे लगा कि कहीं बन्दर फ़ायदा न उठा ले इन दो सगी बहनों ने साजिश के तहत बन्दर को उस्तरा थमा दिया और बन्दर अपना गला काटने में जुट गया प्रतीत होता है |
उम्मीद तो थी लेकिन 
अब टूटती नज़र आती

No comments:

Post a Comment