वह न हँसता है
न रोता है चुपचाप रहता है
उसके अंदर
कही कोई समुन्दर बहता है
आंसुओं ने
आँखों का दामन छोड़ दिया है
अब उनमें एक ख्वाब पलता है |
न रोता है चुपचाप रहता है
उसके अंदर
कही कोई समुन्दर बहता है
आंसुओं ने
आँखों का दामन छोड़ दिया है
अब उनमें एक ख्वाब पलता है |
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