Friday, 15 April 2016

उदासी बांटना अपराध है और इस अपराध को करने से बचा जा सकता है |

अभिव्यक्ति की आज़ादी के पक्षधर अपने से इतर विचारधारा वालो को यह आज़ादी देने के पक्षधर नहीं होते |

दोगलापन तो हर स्तर पर विद्यमान है | अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात करने वाले अपने घर में अपने बच्चों को अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं देते | पंचसितारा होटलों में बैठकर स्कॉच व्हिस्की के साथ मुर्गी की टांग चबाते हुए भूख के खिलाफ सर्वहारा के पक्ष में आंदोलन की रूपरेखा बनाते हुए लोगों को आपने भी देखा ही होगा | आप और हम पूरा समाज इस दोगलेपन का शिकार है, हमाम में सब है नंगे |

No comments:

Post a Comment