हमारे या तुम्हारे का भेद मत करो,
धर्म की व्यूह रचना को समझो
और उससे निकलने का उपाय खोजो
वर्ना अभिमन्यु की तरह मारे जाओगे |
अपने-अपने धर्म को श्रेष्ठ बताने की होड़ लगी है
हमारे या तुम्हारे का भेद मत करो,
धर्म की व्यूह रचना को समझो
और मिलकर उससे निकलने का उपाय खोजो |
धर्म की व्यूह रचना को समझो
और उससे निकलने का उपाय खोजो
वर्ना अभिमन्यु की तरह मारे जाओगे |
अपने-अपने धर्म को श्रेष्ठ बताने की होड़ लगी है
हमारे या तुम्हारे का भेद मत करो,
धर्म की व्यूह रचना को समझो
और मिलकर उससे निकलने का उपाय खोजो |
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