वे
सयाने थे बहुत
जानते थे
जिस दिन जागेगा
सवालों की झड़ी लगा देगा
तर्क की कसौटी पर
कसा जाएगा उनका हर फरेब
उन्होंने अपने हर फरेब को
तर्क से परे बताया
वे सयाने थे बहुत
उन्होंने इस फरेब को
बाल-घुट्टी की तरह हमें पिलाया
और इस तरह उन्होंने
बड़ी मुश्किल से
ईश्वर के अस्तित्व को बचाया |
सयाने थे बहुत
जानते थे
जिस दिन जागेगा
सवालों की झड़ी लगा देगा
तर्क की कसौटी पर
कसा जाएगा उनका हर फरेब
उन्होंने अपने हर फरेब को
तर्क से परे बताया
वे सयाने थे बहुत
उन्होंने इस फरेब को
बाल-घुट्टी की तरह हमें पिलाया
और इस तरह उन्होंने
बड़ी मुश्किल से
ईश्वर के अस्तित्व को बचाया |
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