एक आदमी हर सुबह
हाथ में लालटेन लेकर
घर से निकलता था कुछ खोजने
दिन ढलने पर लौट आता मायूस
लोग देख रहे थे बरसों से
उसे लालटेन लेकर जाते
और मायूस होकर लौटते
सूरज की रोशनी से भी
ज्यादा भरोसा उसे लालटेन की रोशनी पर था
लालटेन की रोशनी पर
उसका भरोसा कभी टूटा नहीं
और जिसे ढूंढ रहा था वह मिला नहीं |
मरने से पहले,
दीवार पर उसने लिखा--
जिंदगी भर मैं खोजता रहा तुम्हारा ईश्वर
वह मुझे मिला नहीं
इसलिए मैं यह घोषणा करता हूँ कि
तुम्हारा ईश्वर मर चुका है |
हाथ में लालटेन लेकर
घर से निकलता था कुछ खोजने
दिन ढलने पर लौट आता मायूस
लोग देख रहे थे बरसों से
उसे लालटेन लेकर जाते
और मायूस होकर लौटते
सूरज की रोशनी से भी
ज्यादा भरोसा उसे लालटेन की रोशनी पर था
लालटेन की रोशनी पर
उसका भरोसा कभी टूटा नहीं
और जिसे ढूंढ रहा था वह मिला नहीं |
मरने से पहले,
दीवार पर उसने लिखा--
जिंदगी भर मैं खोजता रहा तुम्हारा ईश्वर
वह मुझे मिला नहीं
इसलिए मैं यह घोषणा करता हूँ कि
तुम्हारा ईश्वर मर चुका है |
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