पंख नहीं थे
हौसला था तुम्हारे पास
इसीलिए भर सके
तुम ऊँची उड़ान
दूरभाष पर
सूचनाओं का आदान-प्रदान
ही केवल हो पाता
मिलो और दिल की बात सुनों
मेरे पास न पंख थे
न हौसला था
उड़ न सका
जमीन पर रेंगता रहा
सच कहा तुमने
हसरत अभी बाकी है |
हौसला था तुम्हारे पास
इसीलिए भर सके
तुम ऊँची उड़ान
दूरभाष पर
सूचनाओं का आदान-प्रदान
ही केवल हो पाता
मिलो और दिल की बात सुनों
मेरे पास न पंख थे
न हौसला था
उड़ न सका
जमीन पर रेंगता रहा
सच कहा तुमने
हसरत अभी बाकी है |
No comments:
Post a Comment