बालों में पसर गयी चांदी
आँखों पर चढ़ गया चश्मा
इतने बरस बीत जाने के बाद भी
तुम सुन पाती हो अपनी चीख
तुम देख पाती हो अपने आंसू
तुम समझ पाती हो अपनी भूख
नमन तुम्हारे हौसले को
चारो ओर बहरे और अन्धें हैं
और मैं इनमें शामिल हूँ |
आँखों पर चढ़ गया चश्मा
इतने बरस बीत जाने के बाद भी
तुम सुन पाती हो अपनी चीख
तुम देख पाती हो अपने आंसू
तुम समझ पाती हो अपनी भूख
नमन तुम्हारे हौसले को
चारो ओर बहरे और अन्धें हैं
और मैं इनमें शामिल हूँ |
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