Sunday, 3 September 2017

अंतर्वस्त्र मैले हैं 
कमीज तो उजली है 
आकाश में 
छेद करने का हौसला है 
लेकिन द्रष्टि छिछली है 
इसीलिए भविष्य की तस्वीर धुंधली है

No comments:

Post a Comment