'सारा जहान आज दो खेमों में बंट गया
कोई दिए के साथ है कोई हवा के साथ'
जब रौशनी के लिए आप दिए को चुनते है तो यह मत भूलिए कि दिया उस हवा की वजह से ही जल सका है
दिए को हवा के थपेड़ों से बचाये,हवा के खिलाफ मत हो जाएँ | हवा की अनुपस्थिति में दिए का जलते रहना नामुमकिन है | हवा भी जरूरी है जलता हुआ दिया भी जरूरी है |
कोई दिए के साथ है कोई हवा के साथ'
जब रौशनी के लिए आप दिए को चुनते है तो यह मत भूलिए कि दिया उस हवा की वजह से ही जल सका है
दिए को हवा के थपेड़ों से बचाये,हवा के खिलाफ मत हो जाएँ | हवा की अनुपस्थिति में दिए का जलते रहना नामुमकिन है | हवा भी जरूरी है जलता हुआ दिया भी जरूरी है |
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