Friday, 13 February 2015

झेला था तुमने 
बाबरी मस्जिद के विध्वंस का दंश 
सुधरे नहीं 
फिर राम मंदिर वहीँ बनाने लगे 
हिन्दू-हिन्दू चिल्लाने लगे 
जो मुसलमान-मुसलमान चिल्लाते थे
उनका हश्र था देखा
फिर भी कुछ नहीं सीखा
सोचो अगर हिन्दुओं ने
दस-दस बच्चे पैदा किये होते
तो तुम्हारी हार से
जीत का फासला कितना बड़ा होता ?

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