झेला था तुमने
बाबरी मस्जिद के विध्वंस का दंश
सुधरे नहीं
फिर राम मंदिर वहीँ बनाने लगे
हिन्दू-हिन्दू चिल्लाने लगे
जो मुसलमान-मुसलमान चिल्लाते थे
उनका हश्र था देखा
फिर भी कुछ नहीं सीखा
सोचो अगर हिन्दुओं ने
दस-दस बच्चे पैदा किये होते
तो तुम्हारी हार से
जीत का फासला कितना बड़ा होता ?
बाबरी मस्जिद के विध्वंस का दंश
सुधरे नहीं
फिर राम मंदिर वहीँ बनाने लगे
हिन्दू-हिन्दू चिल्लाने लगे
जो मुसलमान-मुसलमान चिल्लाते थे
उनका हश्र था देखा
फिर भी कुछ नहीं सीखा
सोचो अगर हिन्दुओं ने
दस-दस बच्चे पैदा किये होते
तो तुम्हारी हार से
जीत का फासला कितना बड़ा होता ?
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