जब भी उदास होता हूँ
मैं अपने और पास होता हूँ |
2
बच्चे थे बड़े हो गये
अपने पाँव पर खड़े हो गये
चलो अब उड़ चलें |
3
यादें बाँझ होती हैं
बहुत परेशान करती हैं
जब जिंदगी की साँझ होती है |
4
साथी वो
जो साथ साथ चलता है
मांझी वो
जिसके साथ नाव चलती है |
5
मैखाने में जो पी थी सुबह उतर गयी
तौबा है उस शराब से
जो मंदिर और मस्जिद में पिलाई जाती है |
मैं अपने और पास होता हूँ |
2
बच्चे थे बड़े हो गये
अपने पाँव पर खड़े हो गये
चलो अब उड़ चलें |
3
यादें बाँझ होती हैं
बहुत परेशान करती हैं
जब जिंदगी की साँझ होती है |
4
साथी वो
जो साथ साथ चलता है
मांझी वो
जिसके साथ नाव चलती है |
5
मैखाने में जो पी थी सुबह उतर गयी
तौबा है उस शराब से
जो मंदिर और मस्जिद में पिलाई जाती है |
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