Thursday, 5 February 2015

जब भी उदास होता हूँ 
मैं अपने और पास होता हूँ |

2
बच्चे थे बड़े हो गये 
अपने पाँव पर खड़े हो गये 
चलो अब उड़ चलें |
3
यादें बाँझ होती हैं 
बहुत परेशान करती हैं 
जब जिंदगी की साँझ होती है |

4
साथी वो 
जो साथ साथ चलता है 
मांझी वो 
जिसके साथ नाव चलती है |
5
मैखाने में जो पी थी सुबह उतर गयी 
तौबा है उस शराब से 
जो मंदिर और मस्जिद में पिलाई जाती है |

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