Wednesday, 7 November 2012

पेड़ों के साथ
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पेड़ों के पास बैठना
लिपट जाना
रोना ,सहलाना
नोचना ,खसोटना
सब कितना आसान है पेड़ों के साथ ।

निरापद है
पेड़ों से बातचीत करना ।

कितना आसान है
पेड़ों से यह कहना कि
हम तुमसे नफरत करते हैं
कुछ भी कहना कितना आसान है
पेड़ों के साथ ।

किसी के हिस्से का जहर
कोई यों ही नहीं पीता
कितना आसान है यह मान लेना
कि पेड़ हमसे प्यार करते हैं
कुछ भी मान लेना
कितना आसान है ,पेड़ों के साथ ।

आसान नहीं है
पेड़ों के साथ "घर" बसाना
हम पेड़ों के साथ सो नहीं सकते
और पेड़
कर नहीं सकते प्यार ,बिस्तर पर । 

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