स्त्री विमर्श
============
मत खीचो
लक्ष्मण रेखा
जीनो दो उन्हें भी पुरुष की तरह---बेहया
बगैर किसी रेखा में बंधें हुए |
इसमें मात्र एक अड़चन हैं
उनका गर्भाशय
तुम समझ गए न मेरा आशय |
कुमार अवधेश
============
मत खीचो
लक्ष्मण रेखा
जीनो दो उन्हें भी पुरुष की तरह---बेहया
बगैर किसी रेखा में बंधें हुए |
इसमें मात्र एक अड़चन हैं
उनका गर्भाशय
तुम समझ गए न मेरा आशय |
कुमार अवधेश
No comments:
Post a Comment