गुनाहगार हो तुम
=============
औरत को
दूसरे दर्जे का नागरिक बना कर
सजा दिया कमरे में
अपने ही देश में
देश निकाले की सजा देकर
तुमने किया है गुनाह
जिसकी कोई मुआफी नहीं
और देश के सविंधान में
तुम्हारे इस गुनाह की
कोई सजा भी नहीं
यह कैसा देश है ?
जहाँ शक्ति की देवी
माँ काली ,माँ भगवती
माँ दुर्गा को
मंदिरों में स्थापित कर
औरत के प्रति
अपनी आस्था की इतिश्री
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औरत को
दूसरे दर्जे का नागरिक बना कर
सजा दिया कमरे में
अपने ही देश में
देश निकाले की सजा देकर
तुमने किया है गुनाह
जिसकी कोई मुआफी नहीं
और देश के सविंधान में
तुम्हारे इस गुनाह की
कोई सजा भी नहीं
यह कैसा देश है ?
जहाँ शक्ति की देवी
माँ काली ,माँ भगवती
माँ दुर्गा को
मंदिरों में स्थापित कर
औरत के प्रति
अपनी आस्था की इतिश्री
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