चुनाव से पहले सभी पार्टियों ने
अपनी अपनी दुकाने सजा ली है.
अपनी अपनी दुकाने सजा ली है.
अब तो चुनाव में
धर्म का ही सिक्का चलता है
कभी राम बिकता है तो कभी शंकर बिकता है.
धर्म का ही सिक्का चलता है
कभी राम बिकता है तो कभी शंकर बिकता है.
उनके सपनें में शंकर आते है
और वे शंकर के कहने पर
मानसरोवर की यात्रा भी कर आते हैं.
और वे शंकर के कहने पर
मानसरोवर की यात्रा भी कर आते हैं.
अब तो विष्णु का मंदिर भी बनेगा
और फिर राम और विष्णु में युद्ध ठनेगा
और फिर राम और विष्णु में युद्ध ठनेगा
यह है चुनाव की राम लीला और नेताओं की रासलीला. .
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