१)
दीवार तुम उठाते हो
दोषी हमें ठहराते हो.
२)
एक झूठ से
कैसे छिपाओगे
बरसो की लूट.
३)
अहंकार
आपको महसूस ही
नहीं होने देता कि आप ग़लत हैं.
४)
जेएनयू के बाड़े में क़ैद वे खुश हैं
उन्हें खुश रहने दीजिये न जनाब..
५)
हर फसाद की जड़ में बैठा है एक खुदा
वह मेरा खुदा है या तेरा खुदा तू ही बता.
६)
जमीं से आसमां तक ढूंढ आए
फिर भी हम खुद को न ढूंढ पाए
दीवार तुम उठाते हो
दोषी हमें ठहराते हो.
२)
एक झूठ से
कैसे छिपाओगे
बरसो की लूट.
३)
अहंकार
आपको महसूस ही
नहीं होने देता कि आप ग़लत हैं.
४)
जेएनयू के बाड़े में क़ैद वे खुश हैं
उन्हें खुश रहने दीजिये न जनाब..
५)
हर फसाद की जड़ में बैठा है एक खुदा
वह मेरा खुदा है या तेरा खुदा तू ही बता.
६)
जमीं से आसमां तक ढूंढ आए
फिर भी हम खुद को न ढूंढ पाए
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