वोह कल भी यही सोचता था, आज भी यही सोचता है कि सच केवल वही बोलता है | सच की परिभाषा गढ़नें में उसे महारत हासिल है, उसे भ्रम है कि सच उसके साथ-साथ चलता है और केवल उसके साथ ही दौड़ता है | सबके अपने-अपने सच हैं,सबकी अपनी-अपनी सच की परिभाषा है | इतने सारे सच के बीच सच कहीं खो गया है शायद ?
एक वाक्य में कहा जाय तो हम सब दुराग्रह से ग्रस्त हैं | बुद्धिजीवियों का एक तबका सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में खड़ा है तो दूसरा उसके विरोध में | अपने-अपने दुराग्रह के साथ भौकने की प्रतिस्पर्धा में शामिल हैं हम सब | सच के साथ कोई नहीं खड़ा है, सबकी आँखों पर एक चश्मा चढ़ा है |
एक वाक्य में कहा जाय तो हम सब दुराग्रह से ग्रस्त हैं | बुद्धिजीवियों का एक तबका सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में खड़ा है तो दूसरा उसके विरोध में | अपने-अपने दुराग्रह के साथ भौकने की प्रतिस्पर्धा में शामिल हैं हम सब | सच के साथ कोई नहीं खड़ा है, सबकी आँखों पर एक चश्मा चढ़ा है |
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