मौत का दिन तो मुकर्रर है
हमें पता नहीं इसलिए डर है |
मौत का दिन
पता करके क्या करोगे
पता लग गया जो
तो ठीक से जी भी न सकोगे
मरना नहीं है
यह सोचकर जियो
और जो भी मिले राह में उसका खून पियो |
हमें पता नहीं इसलिए डर है |
मौत का दिन
पता करके क्या करोगे
पता लग गया जो
तो ठीक से जी भी न सकोगे
मरना नहीं है
यह सोचकर जियो
और जो भी मिले राह में उसका खून पियो |
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