Monday, 18 January 2016

देश के प्रधानमन्त्री से भ्रष्ट्राचार दूर करने की गुहार लगाते लोग , भ्रष्ट्राचार को दूर करने के उपाय बताते लोगों से मुझे कुछ कहना है - हम सब के अंदर एक भ्रष्ट्राचारी बैठा है , यह सवाल तो हमें खुद से करना चाहिए ,हमारे भीतर जो भ्रष्ट्राचारी बैठा है उसकी ह्त्या तो हमें खुद ही करनी होगी | अफ़सोस हमारे भीतर बैठा भ्रष्ट्राचारी हमें नहीं दिखता |

ह्त्या के लिए कानून है तो क्या हत्याएं नहीं होती | बलात्कार के लिए क़ानून है तो क्या बलात्कार नहीं होते | क़ानून बनाने से कुछ नहीं होगा , हम क्यों मानना नहीं चाहते कि हम सब के भीतर एक भ्रष्ट्राचारी बैठा हुआ है ?

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