उन्हें अपने देश की जनता
और देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर भरोसा नहीं है
इसीलिए वे अपने भरोसे की जड़े
किसी अन्य देश में रोप रहे हैं
अन्य देश से खाद और पानी मिलेगा
तो देश में ऐसे पौधे में फूल न खिलेगा
बरसों-बरस हो गए अब तो सीखो
अपने भरोसे की जड़े देश में ही रोपो |
और देश की लोकतांत्रिक प्रणाली पर भरोसा नहीं है
इसीलिए वे अपने भरोसे की जड़े
किसी अन्य देश में रोप रहे हैं
अन्य देश से खाद और पानी मिलेगा
तो देश में ऐसे पौधे में फूल न खिलेगा
बरसों-बरस हो गए अब तो सीखो
अपने भरोसे की जड़े देश में ही रोपो |
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