Saturday, 28 November 2015

वे बेक़सूर हैं क्योकि 
उनके पास गुनाह करने के कारण मौजूद हैं |

2)
ऐसा पुरुष ख्वाब है ,देना ही जिसका स्वभाव हो |
3)
वे प्रगतिशील हैं,
उनकी प्रगतिशीलता अंधी और बहरी है 
जुबान है लेकिन फिलहाल थकी हुई है
पिछले दिनों असहिष्णुता का राग 
इस बुरी तरह से अलापा है कि
जुबान सहिष्णुता के नशे में सोयी हुई है |


3)
पेरिस में जो हुआ इस्लाम के नाम पर हुआ है,इसका सीधा मतलब है कि इसे मुसलामानों ने ही किया होगा ,या यह मुसलामानों को बदनाम करने की कोई साजिश है ,देश के सेक्युलर बुद्धिजीवी कुछ बोलेंगे या अभिव्यक्ति की आज़ादी का रोना ही रोते रहेंगे |
4)
अपने आँगन में 
दीप जलायें या न जलायें 
अपने भीतर एक दीप जरूर जलायें 
दीपावली पर आपको अनंत शुभकामनायें |

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