Sunday, 21 September 2014

हमारे समाज में स्त्री-पुरुष के बीच हर रिश्ते को नाम देने की परम्परा रही है और स्त्री-पुरुष के बीच जिस रिश्ते को हम नाम नहीं दे पाते हैं उसे अवैध घोषित कर देते हैं | स्त्री-पुरुष के बीच दोस्ती को लेकर हमारी सोच में हमेशा ही एक दोगलापन रहा है | अगर कोई स्त्री हमारी दोस्त है तो उसे हम दोस्ती का नाम देते हैं और अगर कोई स्त्री किसी अन्य की दोस्त हैं तो उनके बीच अवैध सम्बन्धों की चर्चा करने में हम सुख पाते हैं |  

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