Sunday, 14 September 2014

मंदिर का विचार
इंसान के जेहन में आया
मंदिर में पत्थर इंसान ने ही पहुँचाया
और फिर उस पत्थर को
भगवान भी इंसान ने ही बनाया
भगवान बनने के बाद पत्थर अकड़ गया |
इंसान ने पैदा किया भगवान को
बेटा जब अपने पैरों पर चलना सीख जाता है
तब अक्सर वह माँ को भूल जाता है |
मंदिर में जो बैठा है
वह पत्थर है भगवान नहीं
धरती का भगवान है इंसान इंसान इंसान  |

No comments:

Post a Comment