मंदिर का विचार
इंसान के जेहन में आया
मंदिर में पत्थर इंसान ने ही पहुँचाया
और फिर उस पत्थर को
भगवान भी इंसान ने ही बनाया
भगवान बनने के बाद पत्थर अकड़ गया |
इंसान ने पैदा किया भगवान को
बेटा जब अपने पैरों पर चलना सीख जाता है
तब अक्सर वह माँ को भूल जाता है |
मंदिर में जो बैठा है
वह पत्थर है भगवान नहीं
धरती का भगवान है इंसान इंसान इंसान |
इंसान के जेहन में आया
मंदिर में पत्थर इंसान ने ही पहुँचाया
और फिर उस पत्थर को
भगवान भी इंसान ने ही बनाया
भगवान बनने के बाद पत्थर अकड़ गया |
इंसान ने पैदा किया भगवान को
बेटा जब अपने पैरों पर चलना सीख जाता है
तब अक्सर वह माँ को भूल जाता है |
मंदिर में जो बैठा है
वह पत्थर है भगवान नहीं
धरती का भगवान है इंसान इंसान इंसान |
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