Wednesday, 25 June 2014

उभर आई है 
हथेलियों पर चीख 
जिसकी हथेली पर उभरती है 
चीख केवल उसी को दिखती है |

2)
एक जिज्ञासा है= सकारात्मक सोच वाले किसी व्यक्ति, जिसनें अदृश्य को देख लिया हो ,अमूर्त को महसूस कर लिया हो और असंभव को पा लिया हो,से क्या मुलाक़ात संभव हो सकी है ?

3)
यह बच्चा नहीं जानता होगा
मज़हब का मतलब
इसे जगाओ और 
मज़हब का मतलब तो समझाओ 
जिसकी हथेली पर उभरती है 
चीख केवल उसी को दिखती है |

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