Sunday, 22 June 2014

शास्त्रों को
क्यों शस्त्र बना लेते हैं लोग  ?

2)
बुद्धिजीवी कायर विरोध करते हैं
वे निर्विघ्न
कत्ले-आम करते हैं |
शायराना विरोध से
कत्ल का यह सिलसिला थमेगा नहीं |
3)
हमारी सोच से हमारे स्वास्थ की जानकारी भी मिलती है , हमारी सोच में हमेशा शामिल होता है हमारा स्वास्थ |
4)
अंग्रेजी को लेकर तो कोई विवाद नहीं हैं न, सविंधान में संशोधन करके अंग्रेजी को राष्ट्रभाषा घोषित कर दिया जाना चाहिए | न रहेगा बांस न बजेगी बांसुरी ,हिंदी को देश निकाला, आला रे आला |
यह कैसी राष्ट्रभाषा है ? जब जब हिंदी में काम करने की बात होती है विरोध शुरू हो जाता है संविधान में संशोधन करिये ,अंग्रेजी को राष्ट्रभाषा घोषित करिये और व्यर्थ के इस विरोध से बचिये | मेरे इस विनम्र निवेदन में आप हमारे साथ तो हैं न ?
5)
अगर आप दूसरों की प्रशंसा करना नहीं जानते तो निश्चित जानिये कि जिंदगी के रास्तों में आप अनचाहे ही कांटें उगा रहे हैं, ये दिखेंगे नहीं लेकिन चुभेंगे बहुत |

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