एक दूसरे के चेहरे
नाखूनों से खरोंचकर बिगाड़ते हैं
और फिर उम्रभर
एक दूसरे के चेहरे को संवारते हैं
गृहस्थ जीवन में
शायद इसी को प्यार कहते हैं |
नाखूनों से खरोंचकर बिगाड़ते हैं
और फिर उम्रभर
एक दूसरे के चेहरे को संवारते हैं
गृहस्थ जीवन में
शायद इसी को प्यार कहते हैं |
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