1)
ये बुद्धिजीवी हैं
हमारा-आप का दिमाग खाते हैं
हाँ,ये सेक्युलर हैं
जो भी सत्ता में आता है
उसी के साथ जुड़ जाते हैं
ये सिरफिरे नहीं हैं
हाँ, इनके सिरे ढूंढें नहीं मिलते |
2)
सुनो पहाड़
पत्थर ही बने रहो
वे देवता बनाकर
एक न एक दिन
तुम्हे मंदिर में बिठा देंगे
3)
लाल सलाम अब जंचता नहीं
उनका काम भी अब लाल सलाम से चलता नहीं
कम्युनिस्टों को श्वेत सलाम
ये बुद्धिजीवी हैं
हमारा-आप का दिमाग खाते हैं
हाँ,ये सेक्युलर हैं
जो भी सत्ता में आता है
उसी के साथ जुड़ जाते हैं
ये सिरफिरे नहीं हैं
हाँ, इनके सिरे ढूंढें नहीं मिलते |
2)
सुनो पहाड़
पत्थर ही बने रहो
वे देवता बनाकर
एक न एक दिन
तुम्हे मंदिर में बिठा देंगे
3)
लाल सलाम अब जंचता नहीं
उनका काम भी अब लाल सलाम से चलता नहीं
कम्युनिस्टों को श्वेत सलाम
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