Friday, 4 April 2014

गोधरा पर बात क्यों नहीं होनी चाहिए इसका कोई तर्क पूर्ण उत्तर आजतक कोई भी बुध्धिजीवी नहीं दे सका है ,गोधरा काण्ड पर बात करते ही हमें सांप्रदायिक घोषित किये जाने का भय आखिर क्यों सताता है ? सभी राजनीतिक दल गोधरा काण्ड पर बात करने में हिचकते दिखाई पड़ते हैं  | गोधरा में अगर अल्पसंख्यक समुदाय के लोग मरे होते और गुजरात दंगों में बहुसंख्यक समुदाय के लोग तो गुजरात दंगों को गोधरा काण्ड की स्वाभाविक प्रतिक्रिया मान लेने में सभी तथाकथित सेक्युलर राजनीतिक दलों को भी कोई आपत्ति नहीं होती | 

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