फिर फतवा
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उन्होंने एलान कर दिया कि
बेटियाँ अपने चेहरे से
नकाब उठायेंगी नहीं
वे किसी जलसे में
गाना गायेंगी नहीं |
वे सोयेंगी भी
तो नकाब ओढ़कर ताकि
उनके सपनों में भी
कोई सपना आने न पाए
नींद में भी
वे मुस्करानें न पाएं |
दर्पण में
अपने आप को देखेंगी
नकाब ओढ़कर
किसी को भी अपना चेहरा
दिखाएंगी नहीं |
अपने आप से
अपना चेहरा
छिपाने का दस्तूर
बहुत पुराना है |
वह न अंधा है ,न काना है
हिन्दू का हो या मुसलमान का
यह पुरुष
बहुत सयाना है |
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उन्होंने एलान कर दिया कि
बेटियाँ अपने चेहरे से
नकाब उठायेंगी नहीं
वे किसी जलसे में
गाना गायेंगी नहीं |
वे सोयेंगी भी
तो नकाब ओढ़कर ताकि
उनके सपनों में भी
कोई सपना आने न पाए
नींद में भी
वे मुस्करानें न पाएं |
दर्पण में
अपने आप को देखेंगी
नकाब ओढ़कर
किसी को भी अपना चेहरा
दिखाएंगी नहीं |
अपने आप से
अपना चेहरा
छिपाने का दस्तूर
बहुत पुराना है |
वह न अंधा है ,न काना है
हिन्दू का हो या मुसलमान का
यह पुरुष
बहुत सयाना है |
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