अहंकार का क़द
हमेशा आदमी के क़द से बड़ा होता है
खोखली होती है जमीन
जिसपर वह आदमी खड़ा होता है ,
उफनती हुई लहरों को देखो
ऐसा लगता है
समुन्दर कभी बूढ़ा नहीं होता है |
हमेशा आदमी के क़द से बड़ा होता है
खोखली होती है जमीन
जिसपर वह आदमी खड़ा होता है ,
उफनती हुई लहरों को देखो
ऐसा लगता है
समुन्दर कभी बूढ़ा नहीं होता है |
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